कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 (Employee’s compensation)

भारत में सामाजिक सुरक्षा की शुरूआत 1923 में हुई जब ‘श्रमिक क्षतिपूर्ति अधिनियम” पारित किया गया। इस अधिनियम के अन्तर्गत केवल कारखानों और दूसरे उद्योगों में काम करने वाले श्रमिक आते हैं और इसमें औद्योगिक दुर्घटना और काम करते हुए व्यावसायिक रोग लग जाने की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवार के लोगों को हर्जाने की व्यवस्था है।

श्रमिक क्षतिपूर्ति अधिनियम में मृत्यु ,स्थायी और अस्थायी रूप से विकलांग होने की स्थिति में अलग-अलग दरों पर क्षतिपूर्ति की व्यवस्था है!

23 दिसम्बर 2009 को किए गए संशोधन में श्रमिक क्षतिपूर्ति अधिनियम का नाम ‘कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम” कर दिया गया है।

“जय जय जननायक – जय जय राजस्थान”

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“सरकार” का मुख्य उद्देश्य डिजिटल संचार को बढ़ावा देना है, और साथ ही साथ राजस्थान सरकार के तमाम कामकाज को आम जन के बीच लेकर जाना है। इसके लिए राज्य स्तर पर एक डिजिटल मंच बनाया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के विविध क्षेत्रों के लोग जुड़ सकेंगे, यह मंच राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास के कार्यों, सूचनाओं, घोषणाओं और जनहित में आदेशों को राज्य के आमजन तक प्रसारित करेगा।

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