ई-तुलेमान पोर्टल से बढ़ेगी निगरानी

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री रमेश मीणा ने बाट एवं नाप तौल विभाग को भी सुदृढ़ बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ई-तुलेमान पोर्टल बनाया गया है ताकि कम नाप-तौल करने वालों का आकस्मिक निरीक्षण कर उन पर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक लाभार्थी का नाम आधार कार्ड से सत्यापित करने का सुझाव दिया।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में पात्र होने के बाद भी एनएफएसए की सूची में शामिल नहीं हो पाए गरीबों को जोड़ने के लिए कुछ शिथिलता देने का भी आग्रह किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 25 जिलों में केरोसीन की मांग नहीं होने के कारण इन जिलों को केरोसीन फ्री किया जा चुका है।
• धीरे-धीरे अन्य जिलों को भी केरोसिन मुक्त करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
• खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री श्री सुखराम विश्नोई ने भी वास्तविक जरूरतमंदों के नाम एनएफएसए की सूची में जोड़ने का सुझाव दिया।

46 लाख नए लाभार्थी जोड़े
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि एनएफएसए में जनवरी 2019 से अभी तक 46 लाख नए लाभार्थी जोड़े गए हैं एवं 11 लाख का नाम हटाया गया है। उन्होंने बताया कि 65 लाख ऎसे लोग जो एनएफएसए में कवर नहीं हो रहे हैं, उनके डेटा सर्वे के लिए सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं।

श्री महाजन ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान निःशुल्क गेहूं वितरण विशेषकर कफ्र्यूग्रस्त इलाकों में राशन सामग्री वितरण में विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। भारतीय खाद्य निगम से गेहूं का उठाव सामान्य की तुलना में तीन गुना किया गया। इस अवधि में 13 हजार राशन डीलर्स द्वारा घर-घर राशन सामग्री पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि
• विभाग द्वारा जल्द ही बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर राशन वितरण व्यवस्था फिर से शुरू की जाएगी।
• 345 प्रकरणों में मृतक आश्रितों को राशन की दुकानों का आवंटन किया गया।

अब 4.4 करोड़ लोगों को हो रहा गेहूं वितरण, एक वर्ष में जुड़े 70 लाख लोग
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव ने बताया कि रबी सीजन 2020-21 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद का लक्ष्य 17 लाख मैट्रिक टन से बढ़ाकर 20.66 लाख मैट्रिक टन किये जाने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जनवरी 2019 तक एनएफएसए के तहत 3.7 करोड़ लोगों को गेहूं का वितरण किया जा रहा था।
• इसमें एक वर्ष में 70 लाख लोगों की बढ़ोतरी हुई है।
• अब करीब 4.4 करोड़ लोगों को गेहूं वितरण किया जा रहा हैं।
• उन्होंने बताया कि गेहूं की खरीद के लिए 463 क्रय केन्द्रों की स्थापना की गई है।

अनुरोध : आप हमारें द्वारा भेजी गयी सूचना से संतुष्ट हो तो लिकं के द्वारा सरकार से जुड़ सकते हैं :
https://sarkaar.co.in/

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