प्रवासियों को एक बार में ही दो माह के लिए 10 किलो गेहूं (5 किलो गेहूं प्रति व्यक्ति प्रतिमाह) प्रति व्यक्ति एवं प्रति परिवार दो किलो साबुत चना का निःशुल्क वितरण किया जायेगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल नहीं होने वाले प्रवासियों को राज्य सरकार द्वारा मई एवं जून माह के लिए 44 हजार 600 मै.टन गेहूं एवं 2 हजार 230 मै.टन चना का आवंटन कर दिया गया है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री रमेश चन्द मीना ने बताया कि प्रवासियों को शीघ्र खाद्यान्न सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दो माह का आवंटन कर दिया है। जिला कलक्टर द्वारा आवंटन किये गये गेहूं के उठाव का रिलिज ऑर्डर जारी कर आंवटित खाद्यान्न का उठाव 7 जून तक करना होगा।

नॉन एनएफएसए प्रवासियों को दिया जायेगा निःशुल्क गेहूं
खाद्य मंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आवंटित गेहूं का वितरण केवल उसी प्रवासी को किया जायेगा जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित नहीं है। प्रवासियों को गेहूं का वितरण उचित मूल्य की दुकानों से किया जायेगा।
जिला कलक्टर गेहूं का उठाव कर ग्राम पंचायत, शहरी क्षेत्र से संबंधित ग्राम पंचायत एवं निकाय वार्डवार स्थित उचित मूल्य की दुकान तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे।

खाद्यान्न लेने के लिए लाना होगा जन-आधार या आधार कार्ड
श्री मीना ने बताया कि प्रवासियों को खाद्यान्न प्राप्त करते समय अपना जन-आधार या आधार कार्ड लेकर आना होगा। उचित मूल्य दुकानदार द्वारा गेहूं बांटते समय पॉस मशीन में लाभार्थी का आधार या जन-आधार नम्बर डालने पर ओटीपी प्राप्त होने पर ही राशन का वितरण किया जायेगा। इस दौरान किसी प्रवासी का जन-आधार में दर्ज मो. नम्बर परिवर्तित हो गया है, तो उसी समय मोबाइ्र्रल एप पर अपना नया नम्बर अपडेट करवाकर ओटीपी प्राप्त कर सकेगा।

गेहूं वितरण के समय राशन डीलर के सहयोग हेतु नियुक्त होगा कार्मिक
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि गेहूं वितरण करने के लिए उचित मूल्य दुकानदार के सहयोग के लिए प्रत्येक दुकान पर बीएलओ एवं एक अन्य सरकारी कार्मिक को नियुक्त किया जायेगा,
• जिसके मोबाईल में सर्वे संबंधी ई-मित्र एप डाउनलोड होगा।
• उचित मूल्य की दुकान पर नियुक्त कार्मिक द्वारा गेहूं प्राप्त करने वाले प्रवासियों से उनका जनआधार या मोबाईल नं. प्राप्त करना होगा।
• साथ ही परिवार के किसी भी सदस्य के प्रवासी होने के आधार पर प्रवासी होने की जानकारी को आवश्यक रूप से दर्ज करना होगा।

आवंटित गेहूं का वितरण करना होगा 15 जून तक
आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्राप्त गेहूं का भारतीय खाद्य निगम से उठाव 7 जून तक करना होगा। प्रवासियों को 15 जून तक वितरण कर 20 जून तक खाद्य विभाग को संपूर्ण रिकॉर्ड उपलब्ध करवाना होगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं का वितरण आपदा एवं राहत विभाग द्वारा गठित ग्राम पंचायत स्तरीय कोर कमेटी द्वारा एवं शहरी क्षेत्रों में जिला कलक्टर द्वारा वार्डवार कमेटी बनाकर कम से कम दो जगह प्रत्येक वार्ड में वितरण करवाना होगा।

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